• Sat. Jun 13th, 2026

अमरोहा के गौरव और जननायक: पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक महबूब अली का राजनीतिक सफर

अमरोहा के गौरव और जननायक: पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक महबूब अली के राजनीतिक सफर पर एक विशेष आलेख

शकरपुर गांव की गलियों से निकलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा नाम महबूब अली

डॉ० महेंद्र सिंह
​उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी यूपी का हमेशा से एक विशेष और निर्णायक स्थान रहा है। इसी राजनीतिक धरा पर जिला अमरोहा के एक छोटे से गांव शकरपुर से निकलकर प्रदेश की सत्ता के शीर्ष गलियारों तक का सफर तय करने वाले नेता का नाम है— महबूब अली। वर्तमान में अमरोहा सदर सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक और उत्तर प्रदेश विधानसभा की अत्यंत महत्वपूर्ण लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee – PAC) के सभापति महबूब अली का जीवन और उनका राजनीतिक सफर संघर्ष, लगन और जनसेवा की एक अनूठी मिसाल है।
​शकरपुर गांव से राजनीतिक क्षितिज तक का सफर
​महबूब अली का जन्म अमरोहा के ग्रामीण अंचल के शकरपुर गांव में हुआ। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने के कारण वे जमीन और ग्रामीण परिवेश की समस्याओं को बेहद करीब से समझते थे। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद जनसेवा का रास्ता चुना। युवाओं के बीच पैठ और आम जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़े रहने की आदत ने उन्हें जल्द ही अमरोहा की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।
​अमरोहा सदर से लगातार ऐतिहासिक जीत
​महबूब अली की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमरोहा सदर विधानसभा सीट पर उनका एकछत्र प्रभाव रहा है। वे इस सीट से लगातार कई बार विधायक चुने जा चुके हैं। विरोधी लहरों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भी अमरोहा की जनता ने उन पर हमेशा भरोसा जताया है। उनके इस मजबूत जनाधार के पीछे उनकी “24 घंटे जनता के लिए सुलभ रहने” की छवि है। चाहे कोई सामाजिक काम हो या किसी गरीब की मदद, महबूब अली हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं।
​कैबिनेट मंत्री के रूप में विकास कार्यों को दी रफ्तार
​समाजवादी पार्टी के शासनकाल में महबूब अली को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री रहते हुए उन्होंने न केवल पूरे प्रदेश बल्कि विशेष रूप से अपने गृह जनपद अमरोहा के विकास को एक नई ऊंचाई दी।
​अमरोहा को जिला बनाने में भूमिका: अमरोहा को अलग जिला बनाने और इसके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाता है।
​सड़क और बुनियादी ढांचा: उनके कार्यकाल में ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने, बिजली व्यवस्था में सुधार करने और चमड़ा व कपड़ा उद्योग से जुड़े स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं।
​शिक्षा और स्वास्थ्य: क्षेत्र में सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना कराकर उन्होंने पिछड़े और ग्रामीण इलाकों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाईं।
​लोक लेखा समिति (PAC) के सभापति: एक बड़ी जिम्मेदारी
​वर्तमान में महबूब अली उत्तर प्रदेश विधानसभा की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के सभापति हैं। यह समिति विधानसभा की सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली समितियों में से एक होती है, जिसका मुख्य कार्य सरकारी धन के खर्च और कैग (CAG) की रिपोर्ट की जांच करना होता है। इस पद पर महबूब अली की नियुक्ति उनके लंबे संसदीय अनुभव, ईमानदारी और प्रशासनिक पकड़ को दर्शाती है। वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का काम कर रहे हैं।
​बेदाग छवि और सर्वसमाज के नेता
​पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महबूब अली की पहचान केवल एक वर्ग विशेष के नेता के रूप में नहीं, बल्कि ‘सर्वसमाज के नेता’ के रूप में होती है। हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे को बनाए रखने में उन्होंने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सौम्य स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और विवादों से दूर रहने वाली उनकी बेदाग छवि के कारण विरोधी दलों के नेता भी उनका सम्मान करते हैं।
​निष्कर्ष
​अमरोहा के शकरपुर गांव से शुरू हुआ महबूब अली का यह सफर आज उत्तर प्रदेश की विधानसभा और लोक लेखा समिति के सभापति पद तक पहुंच चुका है। दशकों लंबे इस राजनीतिक सफर में उन्होंने साबित किया है कि यदि इरादे मजबूत हों और जनता का साथ हो, तो ग्रामीण अंचल से निकलकर भी इतिहास रचा जा सकता है। अमरोहा के विकास और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका योगदान हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहेगा।

कामयाबी की बुलंदियों पर रहकर भी जमीं से जुड़े हैं,
जनता की अदालत में वो सबसे खरे उतरे हैं।
महबूब अली की सियासी साख का अंदाज़ा इसी से लगा लो,
वक्त बदला, दौर बदला, पर वो अपनी जगह डटे हैं।

जिसकी रहनुमाई पर अमरोहा को नाज़ है,
उनकी सादगी में ही छिपा हर दिल का राज़ है।
बात जब भी हक और तरक्की की आती है,
महबूब अली जी ही बुलंद आवाज़ हैं।

           ◼️डॉ० महेंद्र सिंह
                वरिष्ठ पत्रकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *