सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किये बिना मकानों को ध्वस्त करने को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से नाराजगी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कि यह कार्रवाई ‘‘चौंकाने वाला और गलत संदेश’’ देती है. जस्टिस अभय ओका और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने मकान गिराने के मनमानेपूर्ण मामले पर आपत्ति जताई और कहा कि ध्वस्त किए गए ढांचों का पुनर्निर्माण करना होगा. यह ऐसी चीज है जिसे ठीक करने की जरूरत है. आप मकानों को ध्वस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई कर रहे हैं. आखिरकार अनुच्छेद 21 और आश्रय का अधिकार जैसी कोई चीज है.

